"हंसी में छिपे खामोशियों को महसूस किया है I मैखाने में बुजुर्गों को भी जवान होते देखा है I हमने इन्शानो को जरुरत के बाद अनजान होते देखा है I क्यों भूल जाते है इंसान अपनी अस्तित्व पैसा आते ही I दुनियां ने बड़े - बड़े राज महराजा को फ़क़ीर होते देखा है I"
नाम ना लो उस मोहब्बत का, मोहब्बत तो हम भी कर चुके हैं। लोग कहते हैं मोहब्बत जिंदगी देती है, पर हम तो कब के मर चुके हैं॥ जिस दिल में तेरा नाम बसा था, मैंने वो दिल तोड़ दिया। ना होने दिया बदनाम तुझे, तेरा नाम ही लेना छोड़ दिया॥ जो भुला दिया है तुझे तो अब तू मेरा जिक्र ना कर, मेरे खैरियत की अब तू फिक्र ना कर॥ छोड़ दे तन्हा मुझे मेरे हाल पर, तू दर्द देकर हमदर्द बनने की कोशिश ना कर॥ तू दर्द देकर हमदर्द बनने की कोशिश ना कर॥
महीने के दूसरे इतवार, बालों में मेहंदी लगाती है नाखूनों पर कभी कभार nail polish की बस, एक परत चढ़ाती हैं Godrej की अलमारी के ऊपर पड़े Suitcase में, मौसी की दी रेशमी साड़ी की देख,सहेज, वापस रख आती है. मेरी middle मां , इन छोटी बातों में ही कितनी खुश हो जाती है ।❣️
Amazing 👍👍👍
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